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Google मैप में जोड़िये अपने घर का पता, यह है आसान तरीका.

Google मैप में जोड़िये अपने घर का पता, यह है आसान तरीका. नई दिल्ली- कई बार आपके साथ ऐसा होता होगा जब आप गूगल मैप में किसी एड्रेस को सर्च करते हैं लेकिन माप में वो जगह आपको नहीं दिखती। वो प्लेस पॉपुलर होने के बाद भी गूगल मैप में मौजूद नहीं होती है। ऐसे में माप के जरिये किसी जगह को खोजना एक बड़ी चुनौती लगबे लगती है। आज हम अप्पको कुछ ऐसी ट्रिक्स बताएंगे जिसके जरिये आप अपनी जानी पहचानी जगह को भी गूगल मैप में एड कर सकते हैं। इसके लिए आपको एक प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद आप गूगल मैप में उस स्थान को जोड़ सकते है। लेकिन गूगल लोकेशन को अपने डाटा में एड करने से पहले उसे वैरिफाइ करता है। जानिए इसके लिए आपको क्या करना होगा? * गूगल मैप को ओपन करें और सर्च search here टैब पर क्लिक करें। * इसे करने के बाद आपको पेज पर एक ऑप्शन दिखेगा जिसमें add a missing place लिखा हुआ होगा।  इस पर क्लिक करते ही एक नया पेज ओपन होगा। * इसके बाद ओपन हुए नए पेज में आपको उस स्थान को फिल करना होगा। आप यहां पर लोकेशन को मार्क भी कर सकते हैं। * फोन की लोकेशन ऑन करते ही गूगल यह लोकेशन सेलिक्ट कर लेग...

आप बताईये उसे कौन सा कमरा चुनना चाहिए.

दिमागी कसरत – सजा ए मौत एक अपराधी को मौत की सजा सुनाई जाती है.  उसे तीन कमरे दिखाये जाते हैं और मौत का तरीका चुनने को कहा गया.  पहला कमरा जहरीले सांपो से भरा है.  दुसरे कमरे शार्प शूटर है जो कि पूरी तरह से हथियारो से तैनात है.  तीसरे और आखरी कमरे मे शेर है जिसको तीन साल से खाना नही मिला है.  तो आप बताईये उसे कौन सा कमरा चुनना चाहिए. जवाब- तीसरा कमरा..क्युकि शेर को तीन साल से खाना नही मिला है तो अब तक वो मर गया होगा. यह पोस्ट कोपीराईट है- उलझेंगे तो सुलझेंगे भी, उलझेंगे ही नहीं तो सुलझेंगे कैसे? पर उलझे ही रहने में भी किसी किसी को सुख महसूस होता है और कुछ लोग इस डर से कि रहने दो, कौन उलझे, जिन्दगी भर / अन्त तक दुविधा में ही पड़े रहते हैं । अपनी अपनी प्रकृति है, कोऊ काहू में मगन, कोऊ काहू में मगन ! किन्तु कुछ लोग सिर्फ इसलिए भी उलझन में फँसे रहते हैं क्योंकि वे यथार्थ से पलायन करना चाहते हैं, यथार्थ को देखना तक नहीं चाहते । यथार्थ को जानना / समझना भी उन्हें अनावश्यक झमेला प्रतीत होता है ! सुविधापसंद ऐसे लोग भी अपने तरीके से सुखी / दुःखी होने के लिए मज़बूर / स्वतंत्र...

कोई भी यात्री बस मे चढ़ा नही। बताईए बस ड्राईवर की उम्र कितनी है???

प्रश्न – मान लीजिए, आप एक बस चला रहे हैं। पहले स्टाॅप पर चार यात्री बस मे चढ़े और दो यात्री उतरे। दूसरे स्टाॅप पर सात यात्री बस मे चढ़े और एक यात्री उतरा। अगले स्टाॅप पर सिर्फ पाॅच यात्री उतरे और कोई भी यात्री बस मे चढ़ा नही। बताईए बस ड्राईवर की उम्र कितनी है??? जल्दी हार मत मानिए। जी भर प्रयास करने के बाद ही उत्तर देखे, और हां अपने दोस्तो से शेयर करना ना भूले। उत्तर – जितनी उम्र आपकी है। क्योकि बस तो आप ही चला रहे थे। प्रश्न की पहली लाईन पढ़े। यह पोस्ट कोपीराईट है- उलझेंगे तो सुलझेंगे भी, उलझेंगे ही नहीं तो सुलझेंगे कैसे? पर उलझे ही रहने में भी किसी किसी को सुख महसूस होता है और कुछ लोग इस डर से कि रहने दो, कौन उलझे, जिन्दगी भर / अन्त तक दुविधा में ही पड़े रहते हैं । अपनी अपनी प्रकृति है, कोऊ काहू में मगन, कोऊ काहू में मगन ! किन्तु कुछ लोग सिर्फ इसलिए भी उलझन में फँसे रहते हैं क्योंकि वे यथार्थ से पलायन करना चाहते हैं, यथार्थ को देखना तक नहीं चाहते । यथार्थ को जानना / समझना भी उन्हें अनावश्यक झमेला प्रतीत होता है ! सुविधापसंद ऐसे लोग भी अपने तरीके से सुखी / दुःखी होने के लिए मज़बूर / स्वतंत्...

आप बता सकते हैं कि ये हत्या है या आत्महत्या?

पुलिस ने जब एक अपराधी के घर का दरवाजा तोड़ा तो उसे वहाॅ एक व्यक्ति की लाश फाॅसी पे लटकी हुई मिली और कमरे मे चारो तरफ सिर्फ पानी ही पानी था। कमरे मे आने जाने का एकमात्र रास्ता वही दरवाजा था जिसे तोड़कर पुलिस वाले अंदर आए थे जो कि अंदर से बंद था। कमरे मे एक भी कुर्सी,टेबल या ऐसा कुछ भी नही था जिसपे चढ़ के फाॅसी लगाया जा सके। सब सोच मे पड़े हैं कि ये हत्या है या आत्महत्या। कोई भी कुछ भी पूरे विश्वास से नही कह पा रहा है। क्या आप बता सकते हैं कि ये हत्या है या आत्महत्या? उत्तर जानने के लिए कमेंट बाक्स मे कमेंट करें और अपने दोस्तों से शेयर करें। उत्तर- आत्महत्या . जैसा कि बताया गया है , कमरे मे आने जाने का एक ही रास्ता था जो कि अंदर से बंद था और पूरे कमरे मे पानी के अलावा कुछ भी नही था. उसने बर्फ के बड़े टुकड़े पर खड़े होकर फाॅसी लगाया और पुलिस के आने के पहले बर्फ पिघल गई जिसकी वजह से कमरे मे पानी फैल गया. यह पोस्ट कोपीराईट है- उलझेंगे तो सुलझेंगे भी, उलझेंगे ही नहीं तो सुलझेंगे कैसे? पर उलझे ही रहने में भी किसी किसी को सुख महसूस होता है और कुछ लोग इस डर से कि रहने दो, कौन उलझे, जिन्दगी भर / अन्त त...

वो ऐसी कौनसी चीज़ है जिसे खरीदा तो खाने के लिए जाता है लेकिन कभी खाया नहीं जाता है?

सवाल 1 : जब मैं चार से साल का था तो अपने भाई से दुगनी उमर का था. अब मैं 18 साल का हू तो मेरे भाई की क्या उम्र होगी? सवाल 2 : एक ऐसा शब्द बताइए जिसका पहला अक्षर काट दें तो भगवान का नाम, मध्य काट दें तो फल का नाम और अंतिम काट दे तो शस्त्र का नाम बन जाता है? सवाल 3 : दो घरों मे आग लगी है जिसमें से एक घर अमीर का है और दूसरा घर एक ग़रीब का है. बताइए कि पुलिस पहले कौनसे घर की आग को बुझाएगी? सवाल 4 : वो ऐसी कौनसी चीज़ है जिसे खरीदा तो खाने के लिए जाता है लेकिन कभी खाया नहीं जाता है? उत्तर देखने के पहले खुद की बुद्धिमत्ता शक्ति का प्रयोग अवश्य करें। और हां अपने दोस्तो से शेयर करना ना भूलें। उत्तर : जवाब 1 : 16 वर्ष। जवाब 2 : आराम। जवाब 3 : पुलिस आग को बुझाने का काम ही नही करती है। जवाब 4 : प्लेट, खाने के लिए लेते है लेकिन उसे खाया नहीं जाता। यह पोस्ट कोपीराईट है- उलझेंगे तो सुलझेंगे भी, उलझेंगे ही नहीं तो सुलझेंगे कैसे? पर उलझे ही रहने में भी किसी किसी को सुख महसूस होता है और कुछ लोग इस डर से कि रहने दो, कौन उलझे, जिन्दगी भर / अन्त तक दुविधा में ही पड़े रह...

इन तीनो की अपनी उम्र कितनी है?

प्रश्न- एक पार्क मे दादा, पोता (बच्चा) और पिता साथ मे बैठे हैं। तीनो की उम्र मिलाकर 140 वर्ष है। पोता जितने महीने का है, दादा उतने साल का है। पोता जितने दिन का है, पिता उतने सप्ताह का है। अब बताईए इन तीनो की अपनी उम्र कितनी है? जनाब यूं ही उत्तर ना देखें। अपनी अक्ल पे थोड़ा जोर डालें और अपने दोस्तों से भी शेयर करें। उत्तर – दादा की उम्र 84 वर्ष, पिता की उम्र 49 वर्ष और पोता/ बच्चे की उम्र 7 वर्ष। यह पोस्ट कोपीराईट है- उलझेंगे तो सुलझेंगे भी, उलझेंगे ही नहीं तो सुलझेंगे कैसे? पर उलझे ही रहने में भी किसी किसी को सुख महसूस होता है और कुछ लोग इस डर से कि रहने दो, कौन उलझे, जिन्दगी भर / अन्त तक दुविधा में ही पड़े रहते हैं । अपनी अपनी प्रकृति है, कोऊ काहू में मगन, कोऊ काहू में मगन ! किन्तु कुछ लोग सिर्फ इसलिए भी उलझन में फँसे रहते हैं क्योंकि वे यथार्थ से पलायन करना चाहते हैं, यथार्थ को देखना तक नहीं चाहते । यथार्थ को जानना / समझना भी उन्हें अनावश्यक झमेला प्रतीत होता है ! सुविधापसंद ऐसे लोग भी अपने तरीके से सुखी / दुःखी होने के लिए मज़बूर / स्वतंत्र तो होते ही हैं !   ज्यादातर लोगों क...

आप 30 सेकंड का टाईम मापकर सिग्नल कैसे देंगे??

प्रश्न – आपके पास एक रस्सी है जो जलाने पर एक मिनट मे जल के राख हो जाएगी। आप एक रेलवे स्टेशन पर खड़े हैं। स्टेशन मास्टर नही है और ट्रेन आने वाली है और ठीक 30 सेकंड बाद ट्रेन को सिग्नल देना है पर आपके पास घड़ी नही है। आपके पास सिर्फ रस्सी और माचिस है। बताइए आप 30 सेकंड का टाईम मापकर सिग्नल कैसे देंगे?? और अगर आपके पास दो रस्सियां हैं और आपको 45 सेकंड मापना है तो कैसे मापेंगे? शेयर करके अपने दोस्तो से भी ये सवाल करें। उत्तर – 30 सेकंड मापने के लिए रस्सी को दोनो सिरों से जला देंगे। चूंकि रस्सी एक मिनट मे जलती है तो दोनो सिरो से जलाने पर ठीक आधे मिनट यानि कि 30 सेकंड के बाद दोनो सिरो की आग आपस मे मिल जाएगी और रस्सी रस्सी पूरी जल जाएगी। 45 सेकंड मापने के लिए एक रस्सी का दोनो सिरा जलाएंगे और दूसरी रस्सी का एक सिरा। जब दोनो सिरो से जलाई गई रस्सी जल जाएगी 30 सेकंड पूरे हो चुके होंगे। उसी वक्त दूसरी रस्सी का दूसरा सिरा भी जला देंगे। इस तरह 15 और सेकंड बाद यानि कि 45 सेकंड मे यह पूरी क्रिया संपन्न होगी। यह पोस्ट कोपीराईट है- उलझेंगे तो सुलझेंगे भी, उलझेंगे ही नहीं तो सुलझेंगे कैसे? पर उलझे ही रहने ...