दिमागी कसरत सवाल- जवाब- कुछ ऐसे प्रश्न जिसका जवाब सिर्फ बुद्धिमान लोग हीं दे सकते हैं
दिमागी कसरत सवाल- जवाब- कुछ ऐसे प्रश्न जिसका जवाब सिर्फ बुद्धिमान लोग हीं दे सकते हैं
कई बार हमे कुछ ऐसे Tricky सवालों का सामना करना पड़ता है जो बहुत मुश्किल लगते हैं लेकिन जरा सा दिमाग लगाने पर वो आसानी से हल हो जाते हैं। अगर आप बुद्धिमान हैं तो ऐसे सवाल आपके लिए खेल से कम नही है। हम ऐसे हीं कुछ सवाल एक बार फिर आपके लिए लेकर आए हैं। देखते हैं आप इन सवालों के जवाब कितनी आसानी से दे पाते हैं।
सवाल 1) साल में कुछ महीने 30 दिन के होते हैं तो कुछ 31 दिन के। तो बताइये साल में कितने महीने 28 दिन के होते हैं?
पूरे साल में एक हीं महीना ऐसा है जिसमे सिर्फ 28 दिन होते हैं वो है फरवरी का महीना। अगर आपने भी यही जवाब सोचा है तो आप गलत हैं। सही जवाब के लिए नीचे देखिए।
जवाब: 12 महीने। (सवाल एक बार फिर पढिए, हर महीने में 28 दिन होते हैं।)
सवाल 2) अंग्रेजी का वह कौन सा ऐसा शब्द है जिसे हमेशा Wrong पढा जाता है।
आप चाहे कितने भी अच्छे इंग्लिश के जानकार क्यूँ न हों, लेकिन ये सवाल पढकर थोड़ी देर के लिए आप भी सोच में पड़ गए होंगे। अगर जवाब पता चल गया तो आप बधाई के पात्र हैं और नही पता चला तो सवाल को एक बार फिर से पढिए।
जवाब: रॉन्ग (इस वर्ड के बारे में और कुछ बताने की जरूरत है क्या?)
सवाल 3) रेस में दौड़ते हुए एक लड़का दूसरे पोजिशन वाले लड़के को क्रॉस करता है तो बताइए उस लड़के की पोजिशन क्या है?
आप सोच रहे होंगे ये तो बहुत आसान है और पूरे आत्मविश्वास के साथ आप ये कह देते हैं कि लड़के की पोजिशन नम्बर वन होगी तो मुझे ये बताते हुए अफसोस हो रहा है कि आप गलत हैं।
जवाब: सेकंड पोजिशन (जी हाँ, लड़के ने सेकंड पोजिशन वाले लड़के को क्रॉस किया है तो अब वो खुद सेकंड पर आ गया और वो लड़का थर्ड पर।)
सवाल 4) माउंट एवरेस्ट पर्वत की खोज होने से पहले कौन सा पर्वत सबसे ऊँचा था?
वैसे तो ये सामान्य ज्ञान का सबसे मुश्किल सवाल में से एक है लेकिन अगर लॉजिकली देखा जाए तो इसका जवाब बहुत हीं आसान है। कोशिश करिए अगर जवाब नही पता चले तो अगली लाइन में जरूर देखिएगा।
जवाब: माउंट एवरेस्ट (सीधी सी बात है, हम इंसानों ने ये खोज कर के पता लगाया था कि माउंट एवरेस्ट सबसे ऊंचा है लेकिन हमारे पता लगाने से पहले भी तो माउंट एवरेस्ट था तो जाहिर सी बात है सबसे ऊंचा तो वही होगा।)
यह पोस्ट कोपीराईट है-
उलझेंगे तो सुलझेंगे भी, उलझेंगे ही नहीं तो सुलझेंगे कैसे?
पर उलझे ही रहने में भी किसी किसी को सुख महसूस होता है और कुछ लोग इस डर से कि रहने दो, कौन उलझे, जिन्दगी भर / अन्त तक दुविधा में ही पड़े रहते हैं । अपनी अपनी प्रकृति है, कोऊ काहू में मगन, कोऊ काहू में मगन ! किन्तु कुछ लोग सिर्फ इसलिए भी उलझन में फँसे रहते हैं क्योंकि वे यथार्थ से पलायन करना चाहते हैं, यथार्थ को देखना तक नहीं चाहते । यथार्थ को जानना / समझना भी उन्हें अनावश्यक झमेला प्रतीत होता है ! सुविधापसंद ऐसे लोग भी अपने तरीके से सुखी / दुःखी होने के लिए मज़बूर / स्वतंत्र तो होते ही हैं !
ज्यादातर लोगों को मुश्किल लगने वाले दिमागी सवाल हल करने में मजा आता है। कुछ सवाल तो ऐसे होते हैं जिसे सुनने के बाद लोग हार मान जाते हैं कि उनसे नही होगा तो कुछ लोग उसमे पर्सनल इंटरेस्ट लेते हैं और उस सवाल को हल कर के हीं मानते हैं। चलिए आज जानते हैं कुछ ऐसे हीं सवाल जिसे हल करना सभी के बस की बात नही होती है।
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